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Bewafa Shayari

Bewafa Shayari

Bewafa Shayari

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Bewafa Shayari

 

मुझे सिर्फ इतना बता दो इंतज़ार करू तुम्हारा या बदल जाऊ तुम्हारी तरह…

 

किसी को न पाने से जिंदगी खत्म नहीं होती लेकिन किसी को पाकर खो देने से कुछ बाकी भी नहीं रहता|

 

Ab Ke Ab Tasleem Kar Lein Tu Nahi Toh Main Sahi,
Kaun Manega Ke Hum Mein Se Bewafa Koi Nahi.
अब के अब तस्लीम कर लें तू नहीं तो मैं सही,
कौन मानेगा कि हम में से बेवफा कोई नहीं।

Mere Fan Ko Tarasha Hai Sabhi Ke Nek Iraadon Ne,
Kisi Ki Bewafai Ne Kisi Ke Jhoothhe Vaadon Ne.
मेरे फन को तराशा है सभी के नेक इरादों ने,
किसी की बेवफाई ने किसी के झूठे वादों ने।

Bewafa Shayari, Mohabbat Ho Jaye Use

Bewafai SMS Shayari in Hindi for Sad Lovers

Khuda Ne Puchha Kya Saza Doon Uss Bewafa Ko,
Dil Ne Kaha Mohabbat Ho Jaye Use Bhi.
खुदा ने पूछा क्या सज़ा दूँ उस बेवफ़ा को,
दिल ने कहा मोहब्बत हो जाए उसे भी।

 

Jaate-Jaate Uske Aakhiri Alfaz Yahi The,
Jee Sako Toh Jee Lena Mar Jaao Toh Behtar Hai.
जाते-जाते उसके आखिरी अल्फाज़ यही थे,
जी सको तो जी लेना मर जाओ तो बेहतर है।

Shahar Toh Bewafa Ho Nahi Sakta

Two Liner Hindi-English Ultimate Bewafa Shayari

Mil Hi Jayega Koi Na Koi Toot Ke Chahne Wala,
Ab Shahar Ka Shahar Toh Bewafa Ho Nahi Sakta.
मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला,
अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता।

Band Kar Dena Khuli Aankhon Ko Meri Aa Ke Tum,
Aks Tera Dekh Kar Kah De Na Koi Bewafa.
बंद कर देना खुली आँखों को मेरी आ के तुम,
अक्स तेरा देख कर कह दे न कोई बेवफा।

 

Wafa Ki Talash Karte Rahe Hum,
Bewafai Mein Akele Marte Rahe Hum,
Nahi Mila Dil Se Chahne Wala,
Khud Hi Bewajah Darte Rahe Hum,
Lutaane Ko Hum Sab Kuchh Luta Dete,
Mohabbat Mein Unn Par MitTe Rahe Hum,
Khud Dukhi Hokar Khush Unko Rakha,
Tanhaion Mein Saansein Bharte Rahe Hum,
Woh Bewafai Hum Se Karte Hi Rahe,
Dil Se Unn Par Marte Rahe Hum

 

 

वफा की तलाश करते रहे हम
बेवफाई में अकेले मरते रहे हम,
नहीं मिला दिल से चाहने वाला
खुद से ही बेबजह डरते रहे हम,
लुटाने को हम सब कुछ लुटा देते
मोहब्बत में उन पर मिटते रहे हम,
खुद दुखी हो कर खुश उन को रखा
तन्हाईयों में साँसें भरते रहे हम,
वो बेवफाई हम से करते ही रहे
दिल से उन पर मरते रहे हम।

 

आदतन तुम ने कर दिए वादे
आदतन हम ने ऐतबार किया
तेरी राहो में बारहा रुक कर
हम ने अपना ही इंतज़ार किया
अब ना मांगेंगे जिंदगी या रब
ये गुनाह हम ने एक बार किया

 

 

वो छोड़ के गए हमें,
न जाने उनकी क्या मजबूरी थी,
खुदा ने कहा इसमें उनका कोई कसूर नहीं,
ये कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी..

 

तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,

हम चाहते ही क्या थे तुमसे “तुम्हारे सिवा”

 

āshiqī meñ bahut zarūrī hai

bevafā.ī kabhī kabhī karnā

be-vafā tum bā-vafā maiñ dekhiye hotā hai kyā

ġhaiz meñ aane ko tum ho mujh ko pyaar aane ko hai

बेवफाई की आँधियाँ…

ये चिराग-ए-जान भी अजीब है,
कि जला हुआ है अभी तलक,
उसकी बेवफाई की आँधियाँ तो,
कभी की आ के गुजर गईं।

 

हमको बेवफा कहते हैं…

कभी जो हम से प्यार बेशुमार करते थे,
कभी जो हम पर जान निसार करते थे,
भरी महफ़िल में हमको बेवफा कहते हैं,
जो खुद से ज़्यादा हमपर ऐतबार करते थे।

Bewafa Shayari

रुसवाईयों की बात क्यों करते हो
तन्हाईयों में याद क्यों करते हो।।
वफा नहीं करना तो कोई बात नहीं
बेवफाई की बात क्यों करते हो।।

***

मोहब्बत से भरी कोई
ग़ज़ल उसे पसंद नहीं।।

बेवफाई के हर शेयर पे
वो दाद दिया करते है…!

***

अब मायूस क्या होना उसकी बेवफाई पर ऐ दिल
तू खुद ही तो कहता था वो सबसे जुदा है ।।

***

तेरे इश्क़ ने दिया सुकून इतना;
कि तेरे बाद कोई अच्छा न लगे;
तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर;
कि तेरे बाद कोई बेवफ़ा न लगे।

***

कोई शिकवा नही है तुमसे बेवफाई का..
में परेशान हु खुद अपनी वफाओं से ..

***

खुदा करे किसी को मोहब्बत मे जुदाई ना मिले,

कभी भी किसी को इश्क़ में बेवफ़ाई ना मिले,

*** Bewafa Shayari

तेरी बेवफाई पे लिखूंगा ग़ज़लें,
.
सुना है हुनर को हुनर काटता है

***

मेरे दिल को अब किसी से गिला नहीं ,
मन से जिसे चाहा वो मुझे मिला नहीं ,
बद नसीबी  कहूँ या वक्त की बेवफाई ,
अँधेरे में एक दीपक मिला पर वो जला नही …!

***

~~~कुछ नहीं बदला मुहबत मैं यहाँ.

बस बेवफाई आम हो गई है…

***

काश हम भी होते गालिब की तरह शायरी के बादशाह
हम भी तुझे रूलाते तेरी बेवफाई के शेर सुना सुना कर

***

आंखों में जिनके बस गई दुनिया भर की रौनकें
वो शख्स बेवफाई का एक जिंदा मिसाल था

***

लोग डूब कर सुनते है मेरी बेतुकी बातों को आजकल,

तू ही बता तेरी बेवफ़ाई नें मुझे ये क्या बना दिया ?

*** Bewafa Shayari

जान कर भी वो मुझे जान ना पाए, आज तक वो मुझे पहचान ना पाए, खुद ही करली बेवफ़ाई हमने, ताकि उन पर कोई इल्ज़ाम ना आए.

***

मेरी चुप्पी का मतलब बेवफाई न समझो
कभी – कभी मजबूरियाँ भी खामोश कर जाती है …

***

कुछ अलग ही करना है तो
वफ़ा करो दोस्त,
.
वरना मज़बूरी का नाम लेकर
बेवफाई तो सभी करते ही हैं.

***

वो मोहब्बत भी तेरी थी, वो शरारत भी तेरी
थी….!!
अगर कुछ बेवफाई थी, तो वो बेवफाई भी
तेरी थी….!!
हम छोड़ गए तेरा शहर, तो वो हिदायत भी
तेरी
थी…!!
अगर करते तो किस्से करते तुम्हारी
शिकायत
“सनम” वो शहर भी तेरा था वो अदालत भी
तेरी थी..!!

***Bewafa Shayari

चोट है, ज़ख्म़ हैं, तोहमत है, बेवफाई है_
बचपन के बाद इम्तहान कड़ा होता है_

***

अगर वो ज़िन्दगी में फ़कत एक बार मेरी हो
जाती… तो मैं ज़माने की किताबों से लफ़्ज़
बेवफाई ही मिटा देता

***

क्या दू सबूत अपनी वफा का इससे बडा
मैने खुदा से बेवफाई की तुझसे वफा के खातिर

***

मोहब्बत रब से हो तो सुकून देती हैं,
क्युकी न खतरा हो जुदाई का न डर हो बेवफाई का..!!

***

तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास..
लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको…

***

“मत रख हमसे वफा की उम्मीद,
हमने हर दम बेवफाई पायी है,
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,
हमने हर चोट दिल पे खायी है।”

*** Bewafa Shayari

इस मुहब्बत में तुमको मैं खुशी दे न सकी
कोई तू राह बता कैसे मैं बेवफाई करूँ
दर्द के शोलों को हवा दी हमने तेरे दिल में
इन गुनाहों से तोबा अब मैं कैसे करूँ..Bewafa Shayari

***

रुसवाईयों की बात क्यों करते हो
तन्हाईयों में याद क्यों करते हो।।
वफा नहीं करना तो कोई बात नहीं
बेवफाई की बात क्यों करते हो।।

***

पहले इश्क फिर धोखा फिर बेवफ़ाई,
.
.
बड़ी तरकीब से एक शख्स ने तबाह किया…

*** Bewafa Shayari

वफा के बदले बेवफाई ना दिया करो..
मेरी उमीद ठुकरा कर इन्कार ना किया करो..
तेरी महोब्त में हम सब कुछ खो बैठे..
जान चली जायेगी इम्तिहान ना लिया करो

***

मोहब्बत न सही तन्हाई तो मिलती हे
मिलन न सही जुदाई तो मिलती हे
कौन कहता हे मोहब्बत में कुछ नहीं मिलता
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है

***

मोहबत खो गयी मेरी,
बेवफ़ाई के दलदल में
मगर इन पागल आँखो को,
आज भी तेरी तलाश रहती है.

*** Bewafa Shayari

जाने क्या सोच के लहरे साहिल से टकराती हैं;
और फिर समंदर में लौट जाती हैं;
समझ नहीं आता कि किनारों से बेवफाई करती हैं;
या फिर लौट कर समंदर से वफ़ा निभाती हैं।

***

करनी थी अगर बेवफाई‬ तो हमें पहले ही बता देते…..!!!!
दुनिया बहुत हसीन‬ हैं हम किसी ओर से दिल‬ लगा लेते……..!!   Bewafa Shayari

***

बेवफाई उसकी मिटा के आया हूँ;
ख़त उसके पानी में बहा के आया हूँ;
कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को;
इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।

***

वफादार और तुम…?
ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम…??
इल्जाम भी अच्छा है…

***

न करना प्यार कभी किसी मुसाफिर से
उनका ठिकाना बहुत दूर होता है …
वो कभी बेवफा तो नहीं होते ..
मगर उनका जाना ज़रूर होता है

***

अबकी बार सुलह कर ले मुझसे ऐ दिल,
वादा करते है,…..
फिर न देंगे तुझे किसी बेवफा के हाथ में..

*** Bewafa Shayari

जाम पे जाम पीने से क्या फायदा दोस्तों,
रात को पी हुयी शराब सुबह उतर जाएगी,
अरे पीना है तो दो बूंद बेवफा के पी के देख,
सारी उमर नशे में गुज़र जाएगी.

***

हर किसी की जिंदगी का एक ही मकसद है खुद भले हों बेवफ़ा लेकिन तलाश वफ़ा की करते है।

***

जनाजा मेरा उठ रहा था;
फिर भी तकलीफ थी उसे आने में;
बेवफा घर में बैठी पूछ रही थी;
और कितनी देर है दफनाने में!….

***

वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे;
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे;
हमें ही मिल गया बेवफ़ा का ख़िताब क्योंकि;
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे!!!

***

पूछते है सब जब बेवफा था तो उसे दिल दिया ही क्यों**किस किस को बतलाये***उस शख्स में बात ही कुछ ऐसी थी दिल नहीं देते तो जान चली जाती”.

*** Bewafa Shayari

वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी…
मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी…
उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना…
वो नादान है यारो… अपना हाथ जला लेगी.

***

किसी की खातिर मोहब्बत की इन्तहा कर दो,
लेकिन इतना भी नहीं कि उसको खुदा कर दो,
मत चाहो किसी को टूट कर इस कदर,
कि अपनी ही वफाओं से उसको बेवफा कर दो

***

तु बदली तो मजबूरियाँ थी……????
और जब
मै बदला तो बेवफ़ा हो गया !!

***

हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला; हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला! अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी; हर कोई अपने मकसद का तलबगार मिला!

*** Bewafa Shayari

मेरे कलम से लफ्ज खो गए शायद,
आज वो भी बेवफा हो गए शायद,
जब नींद खुली तो पलको में पानी था,
मेरे ही ख्वाब मुझ पर रो गए शायद

***

मिल जायेंगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला

अब शहर का शहर तो बेवफा नहीं हो सकता

***

आरजू थी की तेरी बाँहो मे, दम निकले, लेकिन बेवफा तुम नही,बदनसीब हम निकले.

***

मज़बूरी में जब कोई जुदा होता है;
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है;
देकर वो आपकी आँखों में आँसू;
अकेले में वो आपसे ज्यादा रोता है।

*** Bewafa Shayari

किसी और की बाहों में रहकर,
.
वो हमसे वफा की बातें करते हैं, ??
.
ये कैसी चाहत है यारों, ???
.
वो बेवफ़ा है ये जानकर भी हम उन्ही से मुहब्बत करते हैं

 

बेवफा शायरी पर हिंदी शायरी का सबसे अच्छा संग्रह यहाँ उपलब्ध है, आप इस बेवफा शायरी को अपने हिंदी वाहट्सएप्प स्टेटस के रूप में उपयोग कर सकतें है या आप इस बेहतरीन हिंदी शायरी को अपने दोस्तों को फेसबुक पर भी भेज सकतें हैं। बेवफाई लफ्ज़ पर हिंदी के यह शेर, आपके दर्द और भावनाओं को व्यक्त करने में आपकी मदद कर सकतें हैं।

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